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Sunday, March 13, 2016

मेरी कक्षाएँ


मेरी कक्षा VIII D
VIII D

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
इसलिए मौज-मस्ती का चक्का अभी जाम है।

Datesheet देखके,
तो जैसे उड़ गए है होश Abhishek के।
Akshay का leakage जारी है,
दूसरी ओर Ish की लाजवाब चित्रकारी है।
कैसे खत्म हुआ Suryansh-Abhinav का water-war,
Shyan ने कैसे चलाई 150 की speed पर car।
आख़िरी दिनों में monitorगीरी कर रहा Ashish है,
वहीं अपने acting के कीड़े को जगा रहा Devashish है।

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
पर Professor Divyansh को अब भी सूझ रहा आराम है।
जारी है बाबा Biruly का मौन,
Yash का hero Satbir आख़िर है तो है कौन?
दो रूपए में Shubham के कितने बाल कट गए?
Kabaddi के चलते class में न जाने कितने pant फट गए!
Parthiv का self-study बना Joke of the Year,
Wakas का भी अब जाग गया है fear।

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
पर Ankur की कोशिशें अब भी हो रहीं नाकाम है।
जीता quiz Meet ने,
पर maths complete कैसे किया Amarjeet ने।
Aniket को किसने दिया Right-to-Fight,
Class से अचानक कैसे गायब हो गए
दोनों के दोनों light।
ख़ैर, Ayush अब सुधरने लगा है
और रहने लगा है शांत भी,
कहने को तो सुधर रहा है अब अपना Bikrant भी।

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
पर Bajrang के लिए ये वही मामूली शाम है।
दोनों Vijay का क्यों है height कम,
तोड़-फोड़ में क्यों लगे है दोनों Shivam।
एक Pratik की लालूगीरी जारी है,
वहीं दूसरे पर Pro Kabaddi का fever भारी है।
एक Vivek की आवाज़ न्यारी,
वहीं दूसरा कर रहा Bajrang से यारी।

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
पर Shresth अब भी 150 रूपए में कर रहा काम है।
Cameraman के साथ news-reporter Saurav Pati,
पहुँच जाता वहाँ, जहाँ घटना घटी।
उधर, Mrinal happy-dent से चमका रहा है अपने दाँत,
शांत रहने वाला Tanish भी अब करने लगा है बात।
Famous हो गया है Raghav का बाल,
Prithvi साफ करने लगा है मकड़ी का जाल।

ख़त्म हो रही है अब आठवीं कक्षा,
न जाने कौन करेगा अब हमारी रक्षा।
सिर-आँखों पर चढ़ चुका अब exam है,
इसलिए मौज-मस्ती का चक्का अभी तो जाम है।
याद रखो, पहाड़ कितनी भी ऊँची हो,
तुम बस अपनी चढ़ाई करो।
बैठे-बैठे poem क्या सुन रहे हो,
'book खोलो और पढ़ाई करो!'


मेरी कक्षा VII D

VII D
VII Class के ये अंतिम दिन,
बीत रहे मौज-मस्ती के बिन।
पूरे साल रहा बदमाशी का जोश,
पर अब exams की डर से सब है खामोश।

खबर सुनते ही जैसे सिर पर रखकर बोरा,
पढ़ने लगा है Abhishek Godsora।
Amarjeet को हुआ double नुकसान,
Anish बन गया और भी नादान।
Bajrang Subhojeet sir से डर गया है,
Ayush भी अब सुधर गया है।

VII Class के ये अंतिम दिन,
बीत रहे मौज-मस्ती के बिन।
कुछ लम्हें दूर तो कुछ पास में है,
समझ नहीं आता कि
हम पृथ्वी में है या Prithvi हमारे class में है।
Prateek ने किया Piggy Bank दान,
साल भर Nails Check 
करता रहा Devashish Pradhan।
Harsh के खड़े होने पर लग गया ban,
Vivek की आवाज़ का पूरा class fan।

VII Class के ये अंतिम दिन,
लड़कर बीता रही Nawrin।
Barsha धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ रही है,
Vanshika और Nandini की दोस्ती बढ़ रही है।
Leesa के गाने है लाजवाब,
Yashmati और Kajal की तेज़-तर्रारी का क्या जवाब।
Anushka Ishika WhatsApp के friend,
करते notes भी उसी से send।
Sakshi और Tisha बन गई सहेली,
कौन सुलझाए Khushi की नाखुशी की पहेली।

VII Class के ये अंतिम दिन
में सुधर रहा Wakas Amin।
Bony ने नहीं सुनाए अपने बोल,
Manav ने सिखाए मानवता के मोल।
Tushar तो अभी नया-नया है,
Rohit को न जाने क्या हो गया है?
Shashank साल भर रोता रहा,
Divyansh class के बीच में सोता रहा।
Art में Ish की हुई जीत,
CFL बाबा बन गया Meet।

VII Class के ये अंतिम दिन,
बीत रहे मौज-मस्ती के बिन।
पूरे साल रहा बदमाशी का जोश,
पर अब exams की डर से सब है खामोश।
ख़ैर यह तो थी बात पुरानी,
ये तो थी पुरानी कहानी।
मज़े लो सुबह की, फ़िक्र न कर शाम की।
जल्दी से book खोलो,
'और तैयारी करो exam की !'

मेरी कक्षा VI C

VI C
VI Class पार हो रहा है,
सब कुछ अभी तैयार हो रहा है।
सब कुछ नया हो जाएगा,
न जाने इस साल क्या खो जाएगा।
Final exams भी पास है,
इसलिए class का माहौल अभी बकवास है।

Datesheet देखके,
उड़ गए है होश Abhishek के।
लेकर अपने नए-नए सवाल,
तैयार हो गया है Adarsh Agarwal।
भर गए है मज़ाक-मस्ती के पेट,
पर अब तक ready नहीं है Aniket।
अपनी आवाज़ बदलकर,
बन गया है Ankur लता मंगेशकर।
जल रही है अब भी बदले की आग,
लेकिन न जाने क्या कर रहा है Anurag।

VI Class पार हो रहा है,
Dev और Divyansh में लड़ाई बार-बार हो रहा है।
Shivam और Bhavya की यारी,
में आ गई है दरारी।
Boiler मछली बन चुका Neeraj,
धीरे-धीरे खो रहा है अपना धैर्य और धीरज।
सोचते-सोचते थक गए हम यह
कि आख़िर Parthiv Banerjee,
को किससे है allergy।
Rishabh ने बालों में किया spike,
पर उसके hair-style को teachers ने किया unlike।

VI Class पार हो रहा है,
Class का माहौल बेकार हो रहा है।
Exams भी पास है,
सब को अच्छे marks की आस है।
ये तो पता नहीं कि कौन होगा first और कौन last,
पर Heaven, Nikhil और Mayank हो गए है बहुत fast।
आख़िर क्या है Shyan का Power,
Shekhar तो बन गया है tower।
Yash ने कर दिया teachers का ही complaint,
पहले साथ देकर सबने फिर उसी को कर दिया blame।
Class में कभी ज़्यादा तो कभी कम पड़ गए seat,
फिर भी हर चीज़ से बेफ़िक्र है Meet।

VI Class पार हो रहा है,
सब कुछ अभी तैयार हो रहा है।
सब कुछ नया हो जाएगा,
न जाने इस साल क्या खो जाएगा।

Saturday, January 30, 2016

आज की दुनिया

Today's World

रिश्तों की कोई क़दर नहीं,
अपराध के बिन कोई गाँव या शहर नहीं।
क्रूरता से भरी पड़ी है दुनिया आज,
आज की दुनिया में इंसानियत क्या है!

पैसा है तो सबकुछ है,
पैसा नहीं तो कुछ भी नहीं।
पैसा ही तो हूनर है आज,
आज की दुनिया में क़ाबिलियत क्या है!

बचपन से ही बच्चों पर परिपक्वता का ज़ोर है,
दिलो-दिमाग में उनके आशाओं का शोर है।
भोलापन तो जैसे गुम होता जा रहा है आज,
आज की दुनिया में मासूमियत क्या है!

अंदर कुछ और बाहर कुछ,
आदमी भी मानो तरबूज़ हो गया है,
इसलिए रिश्तों का धागा भी अब लूज़ हो गया है।
हो गई है झूठी आत्मा भी आज,
आज की दुनिया में रूहानियत क्या है!
आज की दुनिया में इंसानियत क्या है!

Monday, January 25, 2016

मजदूरी

Labour

जिस कूली ने तेरा सामान उठाया,
जिस मिस्त्री ने बनाया तेरा घर।
सोच क्या होता, क्या होता
न होता वो अगर।

भगवान ने ये कैसा अन्याय है किया,
कैसा उसने ये खेल है खेला।
जो कुर्सी पे बैठा वो बाॅस,
जिसने दिन भर पसीना बहाया वो चेला।

ख़ैर, अब कौन उठाए दुनिया का बोझ,
कौन खींचे भारी रिक्शा।
ये मजदूरी तो उनकी मजबूरी है,
जिन्हें नहीं मिली अच्छी शिक्षा।

अब कौन करे ऐसा काम, कौन सहे अपमान,
पर अब हमें निकालना होगा इस समस्या का समाधान।
तभी कम होगा मजदूरों का ग़म,
जब इज़्ज़त की निगाहों से उन्हें देखेंगे हम।

Sunday, January 24, 2016

आज का गाँधी

Gandhi

उसने हमें कराया था आज़ाद,
लगभग दो सौ वर्ष बाद।
आज भी जब आती है उनकी याद,
तो याद आती है उनकी मुराद।
'आज के इंडिया को भारत बनाना है,
 उसे अपना गौरव वापस दिलाना है।'
उनमें तो ख़ैर इतनी शान थी,
पर क्या कोई आज बन पाएगा 'गाँधी'।

हो रहा है अत्याचार, हो रहा है भ्रष्टाचार,
क्यों नहीं रोक पा रही इसे हमारी सरकार।
क्यों नहीं रोक पाती यह इस भेद-भाव को,
क्यों नहीं रोक पाती यह इस दुखों के नाव को।
माँग है यह भारत माता की
पर समझ यह नहीं आता कि
उनमें तो ख़ैर इतनी शान थी,
पर क्या कोई आज बन पाएगा 'गाँधी'।

क्या कोई है जो सह सके इतना कष्ट,
क्या कोई है इतना बड़ा वतन-परस्त।
जिसके रगों में दौड़ता हो खून वतन का,
जो तैयार हो देने को बलिदान तन-मन का।
हमारा मुल्क आज यह हमसे माँग रहा है,
उसने तुमसे भी आज यह कहा है,
उनमें तो ख़ैर इतनी शान थी,
पर क्या तुम बन पाओगे आज के 'गाँधी'।

आज़ादी की नीलामी

Colors of Indian Heritage
भारत को अब हम गुलाम नहीं होने देंगे,
चाहे कुछ भी हो जाए,
अपनी आज़ादी को नीलाम नहीं होने देंगे।

सुख के दिनों में शाम नहीं होने देंगे,
अपने इरादों को नाकाम नहीं होने देंगे,
जब तक हम जीत न जाए
आराम नहीं होने देंगे।
आराम नहीं होने देंगे।

बुराइयों का आगाज़ नहीं होने देंगे,
अनेकता का अहसास नहीं होने देंगे,
मिटा देंगे सारे भेद-भाव को
कहीं भी इम्तियाज़ नहीं होने देंगे।
कहीं भी इम्तियाज़ नहीं होने देंगे।

अपने हूनर को बेकार नहीं होने देंगे,
देश में ज़ुल्म या अत्याचार नहीं होने देंगे,
बस बहुत हो गया
अब और इंतज़ार नहीं होने देंगे।
अब और इंतज़ार नहीं होने देंगे।


भारत को अब हम गुलाम नहीं होने देंगे,
चाहे कुछ भी हो जाए,
अपनी आज़ादी को नीलाम नहीं होने देंगे।
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